नई दिल्ली, जुलाई 31 -- सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'आदर्श जेल नियमावली 2016 के ‌अनुसार सभी जिलों में 'बोर्ड ऑफ विजिटर्स' बनाने का आदेश दिया है। इस बोर्ड का प्रमुख संबंधित जिले का प्रधान जिला जज होगा। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने जेलों में जाति, लिंग, दिव्यांगता आदि के आधार पर भेदभाव से जुड़े एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। मामले में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अधिसवक्ता डॉ. एस. मुरलीधर ने मामले में एक स्थिति रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में कहा गया कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने अब तक बोर्ड आफ विजिटर्स का गठन नहीं किया है। जबकि जेल नियमावली 2016 के प्रावधानों के मुताबिक बाहरी तौर पर जेलों की निगरानी के मुख्य तंत्र के रूप में हर जिले और सब-डिव...