नई दिल्ली, अगस्त 8 -- सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। याचिका में परीक्षा के आयोजन और मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है। जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में हालिया गड़बड़ियों के कारण झारखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें उम्मीदवार पारदर्शिता और संरचनात्मक बदलाव की मांग कर रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन द्वारा वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर याचिका में परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच या स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। यह भी पढ़ें- जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला शीर्ष कोर्ट पहुंचा यह याचिका 2...