प्रयागराज, जुलाई 7 -- भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में आयोजित 'जेनरेटिव एआई और विजुअल बायोमेडिकल एवं बायोमेट्रिक सिग्नल प्रोसेसिंग में अनुप्रयोग' विषयक कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की उन्नत तकनीकों के व्यावहारिक और वैज्ञानिक पहलुओं से रूबरू कराया गया। प्रो. सतीश कुमार सिंह ने जेनरेटिव एडवर्सेरियल नेटवर्क (जीएएन) की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि इसमें दो एआई मॉडल आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। एक मॉडल नई तस्वीरें तैयार करता है, जबकि दूसरा उनकी गुणवत्ता और वास्तविकता की जांच करता है। सीओईपी टेक, पुणे के डॉ. प्रशांत बारटक्के ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त धुंधली या कम रोशनी वाली तस्वीरों की गुणवत्ता जेनरेटिव एआई के माध्यम से बेहतर बनाई जा सकती है। यह भी पढ़ें- ग्राफि...