रांची, मई 10 -- बेड़ो, प्रतिनिधि। जेठ जतरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे पुरखों की अमूल्य धरोहर, पहचान और सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत प्रतीक है। उक्त बातें कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहीं। वे बेड़ो प्रखंड के टेंगरिया गांव में रविवार को 21 पड़हा के जेठ जतरा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक और पारंपरिक आयोजन में शामिल होकर मन गौरव, आत्मीयता और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहरे जुड़ाव की अनुभूति से भर उठा। सदियों से चली आ रही पड़हा व्यवस्था, हमारी परंपराएं, रीति-रिवाज और सामुदायिक एकता आज भी हमें अपनी जड़ों से जोड़े हुए हैं, जो हमारी विशिष्ट आदिवासी पहचान को सशक्त बना रहे हैं। यह भी पढ़ें- सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ मंडा जतरा मंत्री ने कहा कि विभिन्न गांवों से आए खोड़ह...