नई दिल्ली, फरवरी 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने जेएनयू छात्रसंघ के चार निर्वाचित पदाधिकारियों और पूर्व अध्यक्ष को दो सेमेस्टर के लिए निलंबित कर कैंपस से बाहर करने के फैसले की निंदा की है। शिक्षक संघ ने इसे अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई कुछ छात्रों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे छात्र समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। जेएनयूटीए ने इस फैसले के लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। शिक्षक संघ ने जारी बयान में आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है, जबकि ये आंदोलन प्रशासन की निरंकुश और कानूनविहीन कार्यशैली के खिलाफ प्रतिक्रिया हैं। बयान में डॉ. बी. आर. आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय में फेशियल रिकग्निशन...
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