मधुबनी, मार्च 30 -- मधुबनी। जिले में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ इन बीमारियों के मामलों में वृद्धि की आशंका को ध्यान में रखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य समय पर पहचान और उपचार के माध्यम से बच्चों की जान बचाना और जिले को एईएस/जेई मुक्त बनाना है। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और 24 घंटे सेवा:स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में 10 बेड, अनुमंडलीय अस्पतालों में 5-5 बेड तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2-2 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया है। इसके साथ ही सभी अस्पतालों को 24 घंटे इमरजेंसी चिकित्सा सेवा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संदिग्ध म...
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