किशनगंज, मार्च 10 -- पोठिया। निज संवाददाता सीमांचल का किशनगंज जिला जो जूट उत्पादन के लिए सूबे का दूसरा सबसे बड़ा जिला कहा जाता था। किशनगंज जिला में पोठिया प्रखंड भी जूट की खेती के लिए प्रमुख माना जाता रहा लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण पिछले 20 वर्षों के दौरान पोठिया प्रखंड क्षेत्र में जूट का रकवा कम हो रहा है। जिसका मुख्य कारण किसानों को जूट के फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलता है। मेहनत अधिक है मुनाफा कम है।हालांकि प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधकारी अनुज कुमार शर्मा बताते हैं कि कुछ किसानों को जूट का बीज बांटी गाई है। लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं कर रहें की जूट की खेती से धीरे धीरे किसान विमुख हो रहे हैं। जूट की खेती करने वाले किसान छत्तरगाछ निवासी नूरुल हक,मो. इब्राहिम दामलबाड़ी,जुल्फकार,मो .हनीफ निवासी कोल्था, बासुदेव साह,कालियागंज,संजय गणेश हल...
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