अमरोहा, जुलाई 17 -- हजरत जैद इब्ने इमाम जैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की शहादत के सिलसिले में होने वाली वार्षिक मजलिस का आयोजन शहर के मोहल्ला गुजरी स्थित इमाम बारगाह सुगरन में गुरुवार रात किया गया। शुरुआत सैय्यद सिब्ते सज्जाद नकवी ने मर्सिया पेश कर की। मर्सिया सुनकर मजलिस में मौजूद अजादारों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गमगीन हो गया। ​मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अजहर अब्बास ने हजरत जैद की पाक जिंदगी और उनकी शहादत पर रोशनी डाली। मौलाना ने फरमाया कि हजरत जैद तकवा और बहादुरी की मिसाल थे। उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की और कभी भी बातिल के सामने घुटने नहीं टेके। ​मौलाना ने हजरत जैद की शहादत का दिल दहला देने वाला वाक्या बयान करते हुए कहा कि उन्होंने कर्बला के मकसद को जिंदा रखने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उनकी शहादत के बाद भी जालिमों ...