कानपुर, जून 6 -- कानपुर वरिष्ठ संवाददाता। मोहर्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कानपुर में अरबी माह मोहर्रम की पहली तारीख से लगातार दस दिन मनाया जाता है। शिया हजरात ने घरों में इमाम बारगाह को आखिरी रूप देना शुरू कर दिया है। वहीं, सुन्नी हजरात के लगातार 10 दिन निकाले जाने वाले अलम को लेकर मंथन जारी है। पैकियों की गश्त को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है। अरबी वर्ष हिजरी का पहला महीना मोहर्रम कहलाता है। यह अरबी वर्ष की शुरुआत है। इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की कर्बला में शहादत का वाकिया पहली मोहर्रम से लेकर 10 मोहर्रम तक बयां किया जाता है। यह भी पढ़ें- संवेदनशील स्थानों की निगरानी, अफवाह रोकने की कवायद मुस्लिम समाज इन दिनों को शोक दिवसों के रूप में मनाता है। ग्वालटोली, पटकापुर, सकेरा इस्टेट, बाबूपुरवा, जाजमऊ, रावतपुर, सुजातगंज और जूही में शिय...