संभल, अगस्त 26 -- दारुल उलूम इस्लामिया इस्लाहुलकौम के तत्वावधान में जुलूसे मोहम्मदी का भव्य आयोजन किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद के प्रति अकीदत और मोहब्बत का इजहार किया। जुलूस में हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रोजे की शबी आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का शुभारंभ कारी यजदानी ने तिलावत-ए-कुरआन से किया। इसके बाद हजरत उस्मान हारूनी ने नात-ए-पाक पेश की। मौलाना शकील अहमद, बुलंदशहर ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी इंसानियत, रहमत, मोहब्बत, भाईचारे और अच्छे अखलाक की मिसाल है। उन्होंने लोगों से सीरत-ए-पाक की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने की अपील की।हाजी गुलाम रब्बानी ने कहा कि नबी-ए-करीम से सच्ची मोहब्बत का तकाजा उनकी सुन्नत और शिक्षाओं पर अमल करना है। यह भी पढ़ें- Moradabad News: जुलूस-ए-मो...