लखीसराय, जुलाई 10 -- मनीष कुमार, लखीसराय। जुलाई का महीना दस दिन बीत चुका है, लेकिन लखीसराय की जीवनदायिनी किऊल नदी अब भी पानी के लिए तरस रही है। सामान्य वर्षों में जून के अंत तक मानसून सक्रिय होने के साथ नदी में तेज जलधारा बहने लगती थी, लेकिन इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने से नदी का अधिकांश हिस्सा सूखा पड़ा है। कई स्थानों पर केवल गड्ढों में थोड़ा-बहुत पानी दिखाई दे रहा है, जबकि नदी का बड़ा भाग रेत व मिट्टी के विस्तृत मैदान में तब्दील हो गया है। इससे न केवल पर्यावरण प्रेमियों बल्कि किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। करीब एक दशक पहले तक किऊल नदी सालों भर पानी से लबालब रहती थी। गर्मी के दिनों में भी नदी में पर्याप्त जल रहता था और लोग स्नान, पशुओं को पानी पिलाने तथा अन्य दैनिक जरूरतों के लिए इसका उपयोग करते थे। मानसून आते ही नदी पूरे ...