लखनऊ, जुलाई 17 -- स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज के बाद निर्धारित दो घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल न किए जाने के मामले को लेकर विद्युत नियामक आयोग गंभीर है। आयोग ने इस मामले में पावर कारपोरेशन पर बीते दिनों 7 लाख 18 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। यह धनराशि कारपोरेशन को 15 दिन में जमा करनी थी, मगर ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन को कड़ी फटकार लगाई। वहीं 15 दिन में जुर्माने की धनराशि जमा न कराने पर कार्यवाही की चेतावनी दी।इस मामले को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद द्वारा मार्च 2026 में लोकमहत्व प्रस्ताव आयोग में दाखिल किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। आयोग की दो सदस्यीय पीठ ने 3 जून को महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए पाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक...