हिन्दुस्तान ब्यूरो, दिसम्बर 23 -- केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम अब विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) कर दिया है। साथ ही इस योजना में होने वाले खर्च में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी में भी परिवर्तन कर दिया है। इस योजना में अब बिहार सरकार पर सालाना 2800 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा। इस योजना के मजदूरी मद का शत प्रतिशत पैसा पहले केंद्र सरकार देती थी। अब इसमें केंद्र सरकार 60 प्रतिशत ही राशि देगी। इस तरह बिहार को इस मद में भी अब 40 प्रतिशत राशि लगानी होगी। इस योजना के अंतर्गत सामग्री मद में केंद्र 75 और बिहार सरकार 25 प्रतिशत खर्च करती थी। अब इस मद में भी बिहार सरकार को 40 प्रतिशत राशि देनी होगी। दूसरी तरफ प्रशासनिक मद में भी बिहार को 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देनी होगी, जो पहले नहीं लगती थी। वित्तीय वर्ष 2024-...
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