मऊ, जुलाई 8 -- घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ई-गवर्नेंस द्वारा संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत लोगों को आसानी से उपलब्ध कराई जाने वाली आय, जाति व निवास सहित अन्य सेवा ओटीपी के डबल सत्यापन के कारण जी का जंजाल बन गई है। एक प्रमाण पत्र के आवेदन के लिये दो-दो बार ओटीपी का सत्यापन आवेदकों के लिये गले की फांस बन गया है, तो वहीं दूसरी ओर जनसेवा केन्द्र संचालकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ई-गवर्नेंस द्वारा संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट के द्वारा अधिकृत किये गये जनसेवा केन्द्रों से आमजन को उपलब्ध कराई जाने वाली आय, जाति, निवास, खतौनी, लाउडस्पीकर लाइसेंस व अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अब ओटीपी से ईकेवाईसी सत्यापन के बाद अब आवेदन अंतरित करते समय दोबारा ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया लाग...