उन्नाव, मई 9 -- बिछिया। तौरा वृहद गोशाला में किसानों और पशुपालकों के बीच पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी मनीष अवस्थी ने गोबर से जीवामृत नेचुरल खाद बनाने की विधि और फायदे किसानों को बताए। बताया कि किसानों के लिए खेतों मे उपज खेती के दौरान जीवामृत खाद केमिकल रहित होगी। जिससे खेती में कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि जीवामृत खाद पूरी तरह जैविक होती हैं। इस खाद से खेतों की जमीन की पानी शोषित करने की 8 से 9 गुना तक क्षमता बढ़ जाती है। यह भी पढ़ें- संतुलित उर्वरक उपयोग आज की आवश्यकता

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