झांसी, जुलाई 20 -- झांसी। मिट्टी की सेहत को सुधारने और खेती का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती पर किसानों को जोर देना चाहिए। इसके लिए किसानों को जीवामृत घोल का प्रयोग करना होगा। इसमें बेसन गुड़ के साथ गाय का गोबर आदि का मिश्रण प्रयोग होता है। इस खाद के प्रयोग से प्राकृतिक उत्पादन प्राप्त होगा। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आ"ान करते हुए कहा कि जीवामृत एक प्रभावी जैविक घोल है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, फसलों को संतुलित पोषण देने तथा खेती की लागत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की फसलों के साथ-साथ सभी प्रकार की अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जी एवं बागवानी फसलों में जीवामृत का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है।...