मैनपुरी, मार्च 15 -- नगर के देवपुरा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर वरिष्ठ राजयोगी ब्रह्मा कुमार बीके राजू भाई का आगमन हुआ। रविवार को बड़ी संख्या में भाई व बहन सेवा केंद्र पर पहुंचे और राजयोगी की अमृतवाणी का रसपान किया। कार्यक्रम में राजयोगी ने कहा कि आत्मा की सच्ची उन्नति तब होती है, जब मनुष्य स्वयं को शरीर नहीं बल्कि एक पवित्र, शुद्ध व ज्योति स्वरूप आत्मा समझता है। ब्रह्माकुमारीज द्वारा दिया गया आत्मज्ञान मनुष्य को अपने वास्तविक स्वरूप का बोध कराता है। सेवा केंद्र प्रभारी बीके अवंती बहन ने कहा कि ज्ञान हमें सिखाता है कि जीवन में सादा जीवन व उच्च विचार अपनाएं। सभी के प्रति प्रेम व सम्मान का भाव रखें। क्रोध, अहंकार, लोभ व ईर्ष्या जैसे विकारों से दूर रहें। जब आत्मा इन विकारों से मुक्त होती है, तब वह अप...
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