शामली, सितम्बर 18 -- शामली। श्री श्वेतांबर जैन स्थानक मंदिर में आयोजित चातुर्मास के दौरान संघ संचालक नरेश मुनि गुरुदेव ने दस लक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में सरलता अपनाना ही उत्तम आर्जव धर्म का सार है। मन, वचन और काया में एकरूपता होना ही सच्ची सरलता है। नरेश मुनि ने कहा कि जिस प्रकार किसी वस्तु में पड़ी गांठ को धैर्य और सरलता से खोला जाता है, उसी प्रकार जीवन की कठिनाइयों का समाधान भी बिना जोर-जबरदस्ती के करना चाहिए। मनुष्य को किसी की आलोचना या निंदा करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि निंदा करना घोर पाप है। यह भी पढ़ें- Shamli News: उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया दश लक्षण पर्व का तीसरा दिन सरलता से जीवन व्यतीत करना बड़ी उपलब्धि है, इसलिए सभी को अपने व्यवहार में सरलता अपनानी चाहिए। निपुण म...