झांसी, जनवरी 5 -- ग्वालियर रोड सिविल लाइन स्थित श्री कुंजबिहारी मंदिर में चल रही भागवत कथा में बुंदेलखंड धर्माचार्य राधामोहन दास महाराज ने कहा कि जीवन में प्रेम बहुत जरूरी है। क्योंकि प्रेमपूर्ण हृदय ही परमात्मा के दर्शन अथवा उसकी प्राप्ति की अनुभूति कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा भक्तों से सांसारिक वस्तुयें नहीं चाहते वह तो सिर्फ थोडा सा प्रेम भक्त के हृदय में देखकर उस पर कृपा करते हैं। गिरिराज गोवर्धन का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने सात वर्ष की आयु में अपनी कनिष्ठा ऊंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर इंद्र के कोप से न सिर्फ बृजवासियों को बचाया बल्कि इंद्र के अहंकार का भी दमन किया। उन्होंने सुंदर भजन सुनाया "नख पै गिरवर लीन्हों धार कन्हैया मेरौ बारो।।इससे पूर्व मां यशोदा के ऊखल बंधन का प्रसंग सुनाते हुए महंत ने कहा ...