कानपुर, जून 14 -- कानपुर। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन में कथा व्यास पंडित डॉ. काशीनाथ मिश्र ने मानव धर्म, कर्म के महत्व और कलियुग के वर्तमान स्वरूप एवं भविष्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है, जो अनेक जन्मों के पुण्य और तपस्या के बाद प्राप्त होता है, इसलिए इसे केवल सांसारिक मोह में व्यर्थ नहीं करना चाहिए। डॉ. मिश्र ने श्रद्धालुओं को दैनिक जीवन में आध्यात्मिक नियमों के पालन का संदेश दिया। उन्होंने भविष्य मालिका पुराण के संदर्भ में कलियुग के अंतिम चरण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। यह भी पढ़ें- भक्ति और सद्कर्म से ही मानव जीवन सार्थक

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