भदोही, जनवरी 4 -- गोपीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। नव वर्ष हमें संतो के वचनो को सुनने और उन्हें जीवन मे अपनाने का अनमोल अवसर देता है। संत-सत्य और सत्संग का मार्ग चुनते हैं। सत्संग से आरंभ हुआ जीवन हर पल निरंकार को और अधिक दृढ करता चला जाता है। यह बातें शनिवार को घूरीपुर स्थित संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित सत्संग में सतगुरु माता सुदीक्षा का सदेंश सुनाते हुए फूलचंद महराज ने कही। कहा कि नव वर्ष केवल धरती का सूर्य के चारों ओर चक्कर और ऋतुओं का परिवर्तन है हम शुभकामनाएं देते हैं और नए संकल्प लेते हैं पर वास्तविक परिवर्तन तभी सार्थक होता है जब वह भीतर से हो। संत आत्म मंथन द्वारा सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं और निरंकार को सर्वोपरि मानते हुए सेवा सुमिरन और सत्संग को जीवन की प्राथमिकता बनाते हैं। कहा कि एक भक्त की यही कामना होती है कि हर नया वर्ष उसे ...