गिरडीह, मई 30 -- गिरिडीह। शहर के श्याम मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को श्री नरेंद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवने जीने की कला सिखाती है। कहा कि किसी भी व्यक्ति को डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, पुलिस अधिकारी बनने से पहले मनुष्य बनना आवश्यक है। मनुष्यता आने के बाद जो बन जाओ सब अच्छा है। श्री नरेंद्राचार्य जी महाराज ने मनुष्य बनने के लिए कोई संसाधन नहीं है। खिलाड़ी बनने के लिए एकेडमी है। वैज्ञानिक बनने के लिए कोचिंग है। इंजीनियर बनने के लिए इंस्टीच्यूट है, पर मनुष्य बनने के लिए कोई कोचिंग नहीं है। यह भी पढ़ें- शांति, सद्भाव और प्रेम का संदेश देती है श्रीमद्भागवत कथा कहा कि मनुष्य बनने का एक ही मार्ग है भगवान की कथा। कहा कि हमको मरना कैसे है, ये हमें भागवत कथा सिखाती है। मरना सभी का तय ह...