बागपत, मार्च 15 -- दाहा। आर्य समाज पलड़ी में चल रहे त्रिदिवसीय वार्षिक सम्मेलन एवं ऋग्वेद पारायण यज्ञ में शनिवार को दूसरे दिन आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को जीवन जीने की कला आनी चाहिए, क्योंकि जीवन को जीने की कला ही यज्ञ है। परमात्मा ने जो जीवन दिया है उसे जीना तो सभी चाहते है, लेकिन जीवन को जीने की भी कला होनी चाहिए। स्वामी देवव्रत सरस्वती ने कहा समाज सेवा भी एक यज्ञ समान है। इस दौरान मास्टर समर सिंह, सुभाष रोझा, राजेंद्र, कृष्णपाल, ऋषिपाल, श्रीपाल, रजनी आदि मौजूद रहे।

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