जमशेदपुर, मार्च 11 -- जमशेदपुर, वरीय संवाददाता एक्सएलआरआई के फैकल्टी इन ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर सह शिक्षाविद डॉ. निधि मिश्रा ने कहा कि एकेडमिक एक्सीलेंस (शैक्षणिक उत्कृष्टता) को लेकर आज सभी लोग बहुत गंभीर होते हैं। जीवन कौशल को छोड़ लोग शैक्षणिक उत्कृष्टता पर विशेष रूप से जोर दे रहे हैं। लेकिन जीवन कौशल को लेकर हमारी सोच बदलने की जरूरत है, क्योंकि जीवन कौशल ज्यादा महत्वपूर्ण है। वह नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन ( एनआईईपीए) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित व सीड्स संस्था द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में बोल रही थीं। जिसका विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सन्दर्भ में उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा प्रणाली में जीवन कौशल लागू करने में समस्याएं और चिंताएं था। कार्यक्रम एक्सएलआरआई के फादर प्रभु सभागार में आयोजित किया गया...