वाराणसी, अप्रैल 28 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू के हिंदी विभाग और केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा की तरफ से सोमवार को 'हिंदी नवगीत का समकाल' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन किया गया। हिंदी विभाग के आचार्य रामचंद्र शुक्ल सभागार में नवगीत जैसी साहित्यिक विधा के विविध आयामों पर विचार-विमर्श हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि साहित्य, विशेषतः गीत न केवल समाज का दर्पण है, बल्कि उसकी चेतना और संभावनाओं का भी प्रतीक है। समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब हमारे विचार व्यापक, संवेदनशील और सकारात्मक हों। हमें ऐसा समाज गढ़ना है जो न केवल वर्तमान को समझे, बल्कि भविष्य को भी दिशा दे। यह भी पढ़ें- लेखिका एवं कलाकार मोनिका गेरा की पुस्तक 'अनकहे ख्वाब' का विमोचन तथा कला प्रदर्शनी का...
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