मेरठ, मार्च 7 -- मंगलपाडे नगर सामुदायिक भवन में शनिवार को आयोजित भागवत कथा में कथावाचक स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने जीवन के सार का महत्व बताया। विधि विधान से कथा स्थल पर प्रेमलता सिंह, बीएल गाबा और आशा खन्ना ने पूजन कराया। कथावाचक स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने भागवत महापुराण पर कहा कि मनुष्य को चार सामर्थ्य प्राप्त हैं। जीवन, कर्म, अर्थ और भोग। सारी सामर्थ्य के दो फल मिल सकते हैं, अनुकूलता की प्राप्ति स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति अपवर्ग। धर्म का मूल है कि जो व्यवहार हमें अपने लिए पसंद है वह दूसरों के साथ न करें। जीवन की सिद्धि कर्म नहीं, तत्व की जिज्ञासा है। तत्व वह ज्ञान है जिसमें कोई भेद नहीं है। अद्वैत जहां ज्ञाता, ज्ञेय और ज्ञान एक हो जाएं।कहा कि महर्षि व्यास द्वारा वेदों, उपनिषदों, 17 पुरानी, महाभारत आदि की रचना के बाद रचित भ...