नई दिल्ली, मार्च 31 -- नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से देश में नया आयकर कानून लागू हो गया है, जिसके बाद कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आयकर विभाग अब डिजिटल डाटा और एआई की मदद से कर चोरी पर पैनी नजर रखेगा। नए कानून के तहत आयकर विभाग को करदाताओं के डिजिटल रिकॉर्ड और जीवनशैली के आधार पर जांच करने का अधिकार मिल गया है। नए कानून के तहत अब जांच का दायरा बढ़ जाएगा। पहले जांच केवल नकद लेनदेन, संपत्ति और कागजी दस्तावेजों तक सीमित रहती थी लेकिन अब डिजिटल दुनिया भी जांच के दायरे में आ गई है। जरूरत पड़ने पर आयकर विभाग ई-मेल, सोशल मीडिया खाते, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और निवेश से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकता है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह जांच हर व्यक्ति के लिए नहीं होगी। यह केवल उन्हीं मामलों में होगी, जहां कर चोरी का शक होगा औ...