पटना, मार्च 20 -- जीरो टिलेज आलू की खेती किसानों के लिए लाभकारी है। इस तकनीक से पानी और खाद की बचत होती है। लागत कम लगती है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। इसलिए किसान इस विधि को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को आलू अनुसंधान परिसर में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र की ओर से आयोजित किसान दिवस पर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस विधि का विस्तार पूरे राज्य में किया जाए। उन्होंने संस्थान परिसर में इस विधि से की जा रही खेती का अवलोकन भी किया। संस्थान निदेशक एसपी सिंह ने बताया कि अब तक 23 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें 85 फीसदी महिलाएं हैं।पुआल मल्चिंग के साथ जीरो टिलेज एवं एपिकल रूट कटिंग द्वारा बीज उत्पादन विषय की जानकारी किसानों को दी गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि जीरो टिलेज तकनीक से पारंपरिक...