पूर्णिया, नवम्बर 15 -- पूर्णिया, मनोज सिंह। नतीजों के बाद नेता और जनता के चेहरों में सबसे बड़ा अंतर यही है कि नेता परिणाम से जूझ रहे हैं और जनता परिणाम का आनंद ले रही है। जीतने वाले उम्मीदवार और उनके समर्थक मिठाई के डब्बों के साथ ऐसे घूम रहे हैं जैसे पूरे जनपद में मीठा फैलाकर भुखमरी मिटाने का अभियान चला रहे हों। किसी गली में मिठाई की महक है तो किसी घर में रणनीति की गरमागरम बहस। किसी चौराहे पर बधाइयों की गूंज है तो कहीं अगली बार तैयारी मजबूत करेंगे का दृढ़ संकल्प। चुनाव नतीजे आने के बाद जिले का माहौल ऐसा है जैसे पूरे शहर में एक ही साथ शादी भी चल रही हो और शोकसभा भी। जो जीते हैं वे मिठाई का डब्बा ऐसे लेकर घूम रहे हैं जैसे हर गली उनकी निजी जागीर हो। वहीं बधाई देने वालों की लाइन ऐसे लगती है जैसे मुफ्त राशन बंट रहा हो। इधर, आम जनता अपनी चुनावी...
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