प्रयागराज, जुलाई 9 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। जीएसटी पंजीकरण में फर्जीवाड़े का खेल करने वालों ने कई हथकंडे अपनाए थे। अब तक की जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने असली लोगों के आधार, पैन, बिजली बिल और बैंक दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी फर्म खड़ी की। इन दस्तावेजों के जरिए जीएसटी पोर्टल पर नए पंजीकरण कराए गए और फिर करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग कर टैक्स चोरी की गई। इस प्रकरण में अब टैक्स चोरी के तीन मामले दर्ज हो चुके हैं। एसजीएसटी की जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने बिजली बिल, आधार और पैन की कॉपी जुटाकर ऐसे लोगों के नाम पर जीएसटी पंजीकरण कराया, जिन्हें इसकी भनक तक नहीं हुई। पंजीकरण के दौरान दिए गए पते भी फर्जी निकले हैं। या तो दुकानों का पता दिया गया या उन जगहों का पता लिखा जो कहीं जिले से मिलता जुलता है। जब तक असली व्यक्ति ...
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