लखनऊ, जनवरी 30 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। राज्य कर विभाग द्वारा शुक्रवार को जीएसटी टैक्स ऑडिट संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। राज्य कर की प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने इस अवसर पर कहा कि जीएसटी टैक्स ऑडिट का उद्देश्य करदाता के नियम पालन करने की स्थिति की जांच करना है। इसके अलावा इसका उद्देश्य पारदर्शिता और निष्पक्षता का सत्यापन भी होना चाहिए। इसके अलावा ऑडिट में निकलने वाली कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट करना चाहिए ताकि इसके अनुपालन में हुई गलतियों की पुनरावृत्ति न हो। टैक्स का ऑडिट स्मार्ट प्रवर्तन का एक तरीका है, जिससे राजस्व में इजाफे की अपार संभावनाएं हैं। राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने भी बदलते परिवेश में जीएसटी टैक्स ऑडिट की प्रक्रिया में आमूलचूल गुणात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। श्रेणी-दो के अपर आयुक्त मुकेश चंद्र प...