प्रयागराज, जून 21 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि जीएसटी और टीडीएस राशि समय पर जमा न करने के मामलों में यदि आरोप केवल विलंब या गैर-जमा तक सीमित है और गबन, धोखाधड़ी या निजी लाभ का कोई आरोप नहीं है, तो सामान्य आपराधिक कानून के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। ऐसे मामलों में कार्रवाई केवल उत्तर प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुसार ही की जाएगी। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने धारा 528 बीएनएसएस के तहत दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए बस्ती के ग्राम पंचायत सचिव रहे तनवीर अशरफ के खिलाफ दर्ज चार्जशीट, समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता के ग्राम पंचायत सचिव रहने के दौरान ग्राम सभा के विकास कार्यों के भुगतान से काटी गई 8,629 रुपये की जीएसटी राशि समय पर सरकारी ख...