उन्नाव, फरवरी 3 -- उन्नाव। अक्तूबर 2025 में शासन द्वारा दवाओं पर जीएसटी स्लैब घटाकर 12% से 5% करने के बाद आम लोगों को दवाएं सस्ती होने की उम्मीद थी। लेकिन फार्मा कंपनियों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए दवाओं की बेस प्राइस और एमआरपी बढ़ा दी। विशेषज्ञों के अनुसार, अब दवाओं की नई खेप पर पुरानी के मुकाबले अधिक रेट हैं। बच्चों के बुखार का कफ सिरप पहले 42 रुपये में उपलब्ध था, जो अब 49.58 रुपये तक पहुंच गया है। संक्रमण के इलाज में काम आने वाला 98 रुपये का एंटीबायोटिक सिरप अब 111 रुपये में बिक रहा है। इसके अलावा डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेन किलर, ऑर्थो और गायनी दवाओं की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। दवा बाजार के जानकारों का कहना है कि जीएसटी कम होने के बाद भी आम आदमी का फायदा नहीं हुआ और पैसा फार्मा कंपनियों के खाते में जा रहा है। यदि सरकार इस ...