लखनऊ, अगस्त 9 -- द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) के लखनऊ चैप्टर द्वारा रविवार को 'जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) में वाद-विवाद' विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य टैक्स कंसल्टेंट्स और करदाताओं को न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली और पोर्टल पर अपील दाखिल करने की प्रक्रिया से अवगत कराना था। कार्यक्रम में लखनऊ पीठ के न्यायिक सदस्य संतोष के श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि जीएसटीएटी पोर्टल की प्रारंभिक तकनीकी समस्याओं को जल्द ही हल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो करदाता निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील दाखिल नहीं कर सके हैं, उनके मामलों पर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत विचार किया जाएगा। न्यायिक सदस्य नरेंद्र कुमार ने टैक्स प्रोफेशनल्स को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि ...