मथुरा, सितम्बर 9 -- मथुरा, जीएलए विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर और छात्रों ने अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पशुधन में होने वाले बोवाइन ट्यूबरकुलोसिस और पैराट्यूबरकुलोसिस संक्रमण की एक साथ पहचान के लिए डुप्लेक्स पीसीआर तकनीक विकसित की है। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीएसटीयूपी) द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान परियोजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद विकसित यह तकनीक एक ही जांच में दोनों रोगजनकों की त्वरित एवं सटीक पहचान करने में सक्षम है। इससे पशुधन रोगों के निदान को अधिक प्रभावी और लागत प्रभावी बनाने के साथ रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस अनुसंधान परियोजना का नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण असिस्टेंट प्रोफेसर रिसर्च डॉ. सौरभ गुप्ता ने किया। उन्होंन...