नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (जीएचसीएए) अध्यक्ष यतीन ओझा की एक याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका में उन्होंने राज्य की न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दोषी ठहराने और सजा सुनाने के फैसले को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने ओझा की ओर से के.के. वेणुगोपाल, कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी और अरविंद दातार सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। गुजरात हाईकोर्ट की ओर से वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया पेश हुए। दरअसल, हाईकोर्ट ने ओझा को दिन की सुनवाई समाप्त होने तक की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने ओझा पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था और कहा था कि जुर्माना नहीं भरने की स्...
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