मथुरा, अप्रैल 15 -- फरह, गो ग्राम परखम में श्रीराम कथा में महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. कैलाशानंद गिरि ने राम वनवास प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जिस राजा के राज में प्रजा दुखी रहती है, वह नरक का अधिकारी होता है। प्रभु राम के वनवास से अयोध्या की प्रजा व ऋषि-मुनि सभी व्यथित थे, किंतु विधि के विधान को कोई नहीं टाल सकता। आचार्य ने कहा कि राम नाम से ही काम, क्रोध, लोभ, मोह जैसे विकार दूर होते हैं। प्रेम के आंसू शीतल और विरह के आंसू गर्म होते हैं। उन्होंने कहा कि कलयुग में नाम स्मरण एवं अन्नदान ही प्रमुख साधन हैं तथा राम कथा शंकाओं का समाधान करने वाली है। यह भी पढ़ें- आत्मावलोकन से जीवन की दिशा स्पष्ट होती है: शांतनु कथा में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, पदम सिंह, विधायक पूरन प्रकाश, डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, मुकेश खंडेलवा...