जौनपुर, मार्च 11 -- बदलापुर। क्षेत्र के घनश्यामपुर बाजार में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा वाचक आचार्य धर्मराज तिवारी ने कहा कि अच्छे आचरण के बिना हर तरह का ज्ञान अधूरा है। उन्होंने कहा कि भगवान को जिस भाव से लोग याद करते हैं उसी रूप में उनके दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि यह कथा नहीं अपितु जीवन जीने की आचार संहिता है जिसे सुनकर लोक व परलोक दोनों सुधारा जा सकता है। कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म होने के बाद तरह तरह के उत्पात होने लगे थे। कभी पूतना जैसी राक्षसी तो कभी अघासुर जैसे राक्षस उत्पात करने लगे थे, किंतु सबको मोक्ष की प्राप्ति हुई। गोवर्धन पूजन की कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि प्रकृति की जो वस्तुएं हमारे काम की है उनका पूजन अवश्य करना चाहिए। गाय, नदी, पेड़-पौधे यह सब साक्षात देव है। जो बिना कुछ लिए हमारा हित करते...
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