नई दिल्ली, जून 21 -- साल 1933 में मुंबई के दादर की एक चाल में एक बच्ची ने जन्म लिया। माता-पिता ने उसका नाम 'माहजबीन' रखा। घर में खाने को कुछ नहीं था। ऐसे में माहजबीन के पिता ने उन्हें एक अनाथालय के बाहर छोड़ दिया था। हालांकि, बाद में वो उन्हें वापस ले आए और जैसे-तैसे उसको पाला। अपनी गरीबी दूर करने के लिए उनके पिता ने उन्हें चार साल से ही फिल्मी दुनिया में धकेल दिया।4 साल की उम्र में शुरू किया काम माहजबीन के पिता उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि ये फिजूल का खर्चा है। मासूम माहजबीन को ये लगा कि वह बस कुछ दिनों के लिए स्टूडियो जा रही हैं, फिर स्कूल जाएंगी, खेलेंगी-कूदेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म 'लेदर फेस' में पहली बार माहजबीन ने काम किया और इस काम के लिए उन्हें 25 रुपये मिले।परिवार के लिए ख...