नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- संयुक्त राष्ट्र महासभा में 4 सितंबर को 'मानचित्र को सही करें' (Correct the map) नाम का एक प्रस्ताव पारित किया था। इसका मकसद 16वीं सदी के पुराने मर्केंटर प्रोजेक्शन मैप की खामियों को दूर करना और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया जैसे भूमध्यरेखीय क्षेत्रों के वास्तविक आकार को अधिक सटीक रूप से दिखाने वाले समान-क्षेत्र नक्शों को बढ़ावा देना है। भारत ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया था लेकिन जब संयुक्त राष्ट्र की तरफ से दुनिया का नया नक्शा जारी किया गया तो भारत भौचक्का रह गया क्योंकि इस नक्शे में भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अलग-अलग इलाकों के तौर पर दिखाया गया है, जबकि ये भारत का अविभाज्य हिस्सा रहा है। हालांकि, भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से है। यह नक्शा पहली बार 1 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र मह...