आरा, जून 20 -- -आम लोग तो बस यही बोल रहे : भरत का लड़ने का तरीका गलत हो सकता है पर मकसद नहीं -जवईनिया कटाव पीड़ितों के लिए सहारा बन रहा था भरत, उसकी पहल पर ही आयी थी बिजली भरत तिवारी, मृतक की फाइल फोटो प्रियरंजन मिश्रा आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस फायरिंग में मौत के तीन दिन बाद भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ी है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर लोग इस घटना पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इस घटना पर अपने गुस्से का इजहार भी कर रहे हैं। कुछ युवा तो भरत भूषण तिवारी को शहीद बताते हुए आज का चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह बता रहे हैं। हालांकि कुछ लोग भरत भूषण तिवारी को गलत भी ठहरा रहे हैं। सोशल मीडिया खासकर फेसबुक इस घटना को लेकर भरा पड़ा है। बहस का लब्बोलुआब यही है कि भरत भूषण तिव...