नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- हमारे समाज में अक्सर लोग अपनी नाकामियों का ठीकरा अपनी किस्मत या खराब हालात के सिर फोड़ देते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़कर शायद आप भी अपनी हर शिकायत भूल जाएंगे। यह दास्तान है झारखंड के रांची स्थित देश के जाने-माने इंजीनियरिंग संस्थान, बीआईटी मेसरा की है। सोचकर देखिए कि जिस मां ने अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी एक बड़े कॉलेज के फर्श को चमकाने में गुजार दी हो, जब उसी कॉलेज के मंच से उसकी बेटी को सबसे बड़ी डिग्री मिले... तो उस मां के दिल पर क्या गुजरेगी? 26 साल तक जिस कैंपस में मां ने झाड़ू-पोछा किया आज उसी संस्थान ने उसकी लाडली को 'डॉक्टर' की उपाधि से नवाजा है।400 रुपये हफ्ते से शुरू हुआ था जिंदगी की जंग का सफर इस संघर्ष की असली हीरो हैं रानू देवी, जो बीआईटी मेसरा में एक सफाई कर्मचारी के ...