नई दिल्ली, जनवरी 25 -- दिल टूटना जीवन का ऐसा अनुभव है, जो इंसान को भीतर तक हिला देता है। जब किसी अपने से धोखा मिलता है तो मन भारी हो जाता है, सोचने-समझने की शक्ति कमजोर पड़ जाती है और इंसान खुद को अकेला महसूस करने लगता है। धीरे-धीरे चारों तरफ नेगेटिविटी फैलने लगती है और कई बार व्यक्ति को लगता है कि अब जीने का कोई अर्थ नहीं बचा। ऐसे समय में सही दिशा और सही सोच बहुत जरूरी होती है। प्रेमानंद जी महाराज ने ऐसे ही टूटे हुए मन को संभालने का रास्ता बताया है। उन्होंने बताया है कि दुख से भागना नहीं है, बल्कि उसे समझकर जीवन में आगे बढ़ना है। चलिए जानते है प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार जब दिल टूट जाए तो ऐसी सिचुएशन में पॉजिटिवीटी के साथ आगे कैसे बढ़ें।दिल टूटने के दर्द से उभरना जरूरी जब इंसान किसी को अपना दिल और मन दे देता है और बदले में उसे धोखा मिल...
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