पटना, फरवरी 27 -- जिलों ने शिक्षा विभाग को 1896 करोड़ का हिसाब नहीं दिया है। इसमें से 494 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र मई 2019 से 31 अगस्त 2024 तक का, 956.67 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र एक सितंबर 2024 से 31 अक्तूबर 2025 तक का और 445.29 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र पीआरई सीएफएमएस यूसी का है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेन्दर ने जिलों को निर्देश दिया है कि 1896 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र अविलंब जमा करें। यह निर्देश पिछले दिनों शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की ओर से ली गई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिया गया है। समीक्षा में पाया गया है कि जिलों में मई 2019 से 31 अगस्त 2024 तक उपयोगिता प्रमाण पत्र की कुल लंबित राशि 9149.47 करोड़ है। इसमें से 8587 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र महालेखाकार कार्यालय को भेजा जा चुका है। 496.06 ...
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