आगरा, जनवरी 13 -- जिले से लेकर कस्बों तक साप्ताहिक बंदी का ठीक ढंग से पालन नहीं हो रहा है। जिम्मेदार श्रम विभाग आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं। बाजार बंदी के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर में सोमवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। यह बंदी इसलिए होती है ताकि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन का पूर्ण अवकाश मिलने एवं बाजारों की नालियों एवं सड़क की सफाई ठीक ढंग हो सके। श्रम विभाग द्वारा हर जिले में अलग-अलग कस्बों में भी साप्ताहिक बंदी के दिन निर्धारित की है, लेकिन शहर में से लेकर श्रम विभाग के कानूनों की धज्जियां उठाई जा रही है। विभाग साप्ताहिक बंदी के लिए पहल नहीं करता है। इसके कारण दुकानदार भी साप्ताहिक बंदी के दिन दुकान खोल रहे हैं। जबकि तत्कालीन जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को सा...
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