प्रयागराज, अप्रैल 20 -- प्रयागराज। भारत सरकार की प्राकृतिक खेती की नीति से अब दो लाभ होंगे। एक ओर तो प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद से स्वस्थ भारत की संकल्पना पूरी होगी, वहीं किसान अपनी जरूरतों के लिए निराश्रित गोवंशों की सेवा भी करेंगे। इसके लिए जिले में 1500 किसानों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रथम चरण में भगवतपुर और जसरा ब्लॉक में काम हो रहा है और दूसरे चरण में अन्य ब्लॉकों को इसमें लिया जाएगा। इस वक्त भारत सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। अब तक चल रही जैविक खेती से यह एकदम अलग है। प्राकृतिक खेती में गोबर और गोमूत्र के इस्तेमाल से ही उर्वरक तैयार किए जाएंगे। यह भी पढ़ें- गोमूत्र की डेयरी शुरू करने और 100 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की तैयारी इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और जो पैदावार होगी वो और अ...