मुजफ्फरपुर, जून 10 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में इस बार महज तीस हजार टन लीची का उत्पादन हुआ है। बीते तीन वर्षों में यह सबसे कम है। इसमें भी पांच हजार टन लीची बर्बाद हो गई। लीची एसोसिएशन के अनुसार जिले में आठ सौ करोड़ से अधिक का लीची का कारोबार होता था, मगर इस बार महज तीन सौ करोड़ पर कारोबार सिमट गया है। इधर, एपीडा के आंकड़े भी बताते हैं कि तीन वर्षों में सबसे कम इस बार मात्र 353 टन लीची विदेशों में भेजी जा सकी है। यह भी पढ़ें- जिले में 30 हजार टन लीची का उत्पादन, पांच हजार टन हुआ बर्बादबिहार में लीची का उत्पादन बिहार लीची एसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि लगातार तीन वर्षों से लीची के उत्पादन में कमी होती जा रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में कुल 36 हजार हेक्टेयर में लीची की खेती होती है, जिसका 40 फीसदी मु...