जिले में 13 महीनों में 67 प्रसूता की हुयी मौत, एनीमिया बड़ी बजह
गया, मई 12 -- उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था मातृ मृत्यु का एक मुख्य कारण है। गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच नहीं कराना और प्रसव पूर्व जांच में जोखिम की स्थिति के संकेत मिलने पर लापरवाही का परिणाम मां के जीवन पर पड़ता है। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद ने सोमवार को अपने कार्यालय में मातृ मृत्यु दर की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने 13 प्रखंडों में हुई मातृ मृत्यु के 24 मामलों की जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को रेफरल सिस्टम को मजबूत करने का निर्देश दिया। कहा कि अपने स्तर से मातृ मृत्यु के कारणों के सटीक जांच पड़ताल करें। सुधारात्मक उपायों के साथ जरूरी कार्रवाई करें। उन्होनें कहा कि अधिकतर मातृ मृत्यु गंभीर रक्तस्राव, प्रीक्लेम्पसिया, संक्रमण, असुरक्षित गर्भपात और प्रसव जटिलताओं जैसी रोकथा...
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