भागलपुर, मई 19 -- किशनगंज से राकेश कुमार की रिपोर्ट बीमारी और दुर्घटना कभी समय देखकर नहीं आती। कई बार अस्पताल तक पहुंचने में हुई थोड़ी-सी देरी भी मरीज की जिंदगी पर भारी पड़ जाती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए रात के समय वाहन की व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में 102 एम्बुलेंस सेवा लोगों के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी कड़ी बनकर उभरी है। यह सेवा अब केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समय पर उपचार देकर जिंदगी बचाने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत आधार बन चुकी है। सीमावर्ती और दूर-दराज ग्रामीण इलाकों वाले किशनगंज जिले में समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना लंबे समय से चुनौती रहा है। यह भी पढ़ें- समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच और उपचार से बदल रही हृदय रोग पीड़ित बच्चों की जिंदगी खास...