नवादा, जनवरी 29 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। आधुनिकता की दौड़ में नवादा जिला एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती की ओर बढ़ रहा है। जिले में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था अब तक केवल कूड़ा डंप करने तक ही सीमित रही है, जिसके परिणाम स्वरूप वर्तमान में नवादा की लगभग 300 एकड़ भूमि कचरे के पहाड़ के नीचे दब गई है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत का विश्लेषण करें तो नवादा जिले में प्रतिदिन लगभग 500 टन कूड़ा निकल रहा है, जो उचित निस्तारण के अभाव में अब एक विकराल समस्या बन चुका है। नवादा जिले में कचरे का बढ़ता दबाव एक अब अपने चरम पर है। जिले भर में कूड़ा निस्तारण को लेकर पहली बार नवादा सदर प्रखंड स्थित भगवानपुर में 7.5 एकड़ भूमि में एमआरएफ प्लांट बिठाया जा रहा है। फिलहाल इसका सिविल वर्क जारी है, जबकि अगले छह महीने में यहां निस्तारण का कार्य शुरू हो जाएगा। सबसे पहले ...